पटना, 17 मई: बिहार में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बच्चों को गंगा नदी में दुर्लभ और संरक्षित प्रजाति गंगेटिक डॉल्फ़िन के साथ खेलते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों में गहरा आक्रोश फैल गया। गंगेटिक डॉल्फ़िन भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव है और इसे एंडेंजर्ड स्पीशीज़ की श्रेणी में रखा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ न केवल डॉल्फ़िन के जीवन के लिए खतरनाक हैं, बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण कानूनों का भी उल्लंघन है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वन विभाग ने कहा है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि गंगा डॉल्फ़िन को छूना या परेशान करना कानूनन अपराध है। पर्यावरणविदों ने सरकार से अपील की है कि गंगा किनारे रहने वाले लोगों को जागरूक किया जाए और बच्चों को वन्यजीव संरक्षण के महत्व के बारे में शिक्षित किया जाए। उनका कहना है कि यदि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो गंगेटिक डॉल्फ़िन की संख्या ...
कोलकाता, 17 मई: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार ने संकेत दिया है कि वह राज्य के पुराने भूमि कानून को समाप्त कर सकती है। इस कानून को हटाने का उद्देश्य शहरी विकास को गति देना और निवेश को आकर्षित करना बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार का मानना है कि वर्तमान भूमि कानून ने कोलकाता, आसनसोल और दुर्गापुर जैसे शहरों में औद्योगिक और रियल एस्टेट विकास को रोक रखा है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि यदि यह कानून हटाया जाता है, तो राज्य में नए उद्योगों, आवासीय परियोजनाओं और वाणिज्यिक केंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा सकेगी। विपक्षी दलों ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि इससे गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों के हितों को नुकसान पहुँच सकता है। उनका आरोप है कि भूमि कानून हटाने से बड़े उद्योगपतियों और बिल्डरों को फायदा होगा, जबकि आम जनता को विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है।