हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया गया एनसीआर सीमाओं में बदलाव का प्रस्ताव अब खारिज कर दिया गया है। इस प्रस्ताव में राज्य के कुछ हिस्सों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से बाहर करने की बात कही गई थी। लेकिन केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरणों ने इसे स्वीकार नहीं किया। परिणामस्वरूप, हरियाणा के मौजूदा एनसीआर क्षेत्र की सीमाएँ यथावत रहेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और कर्नाल जैसे जिलों में विकास योजनाएँ और शहरी परियोजनाएँ प्रभावित नहीं होंगी। एनसीआर क्षेत्र में बने रहने से इन जिलों को केंद्र सरकार की योजनाओं, फंडिंग और बुनियादी ढाँचे के विकास का लाभ मिलता रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने भी राहत की साँस ली है। उनका कहना है कि यदि सीमाएँ घटाई जातीं तो कई परियोजनाओं पर असर पड़ता और निवेशकों का भरोसा कम होता। वहीं, कुछ राजनीतिक दलों ने इसे “जनहित में लिया गया सही निर्णय” बताया है। इस फैसले से हरियाणा के शहरी विकास और क्षेत्रीय योजना को स्थिरता मिलेगी। NCR में बने रहने से राज्य को परिवहन, पर्यावरण और औद्योगिक ...
हरियाणा के करनाल जिले में उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक नई दिशा देने वाली योजना की शुरुआत हो रही है। सरकार ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-1 के पास लगभग 100 एकड़ भूमि पर एक फार्मा और मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग ₹2,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और अनुमान है कि इससे सीधे तौर पर 4,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। यह पार्क दवाओं, मेडिकल उपकरणों और बायोटेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों के लिए एक हब के रूप में काम करेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि करनाल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फार्मा उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पार्क से हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। यहाँ बनने वाली यूनिट्स से दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति देश के विभिन्न हिस्सों में होगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, यह परियोजना स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। करनाल के व्यापारिक औ...