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श्री हजूर साहिब नांदेड़ में शस्त्र जब्ती पर परमिंदर सिंह भांबा का बयान – सिख समाज की आस्था पर सीधा आघात

   नांदेड़ (महाराष्ट्र): श्री हजूर साहिब नांदेड़ में पुलिस द्वारा लगभग 4,796 शस्त्रों (कृपाण, तलवारें, डैगर आदि) की जब्ती ने सिख समाज में गहरी नाराज़गी और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना पर समाजसेवी, लेखक और राजनीतिक नेता परमिंदर सिंह भांबा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार समय-समय पर सिख समाज को आहत करती रही है।   भांबा ने कहा कि यह कार्रवाई मानो सरकार का तरीका है यह परखने का कि “सिख के अंदर का सिख अभी भी जिंदा है या मर गया है।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शस्त्र गुरु साहिब जी की पुरानी मर्यादा हैं और सिख समाज इन्हें रखता आया है और रखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बाबे और नेता बीजेपी की गोद में बैठ गए हैं, जबकि आम सिख समाज की आवाज़ दबाई जा रही है।   भांबा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे तुरंत शर्म आनी चाहिए और सभी नाजायज केस वापस लेने चाहिए। साथ ही जब्त किए गए सभी शस्त्र भी लौटाने चाहिए, क्योंकि यह केवल हथियार नहीं बल्कि सिख पहचान और गुरु साहिब की मर्यादा का प्रतीक हैं।   सिख समुदाय का कहना है कि यह कार्रवाई उनकी धार्मिक भाव...
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करनाल में स्वच्छता और पौधारोपण अभियान

  करनाल नगर निगम ने 4 और 5 जून को बड़े पैमाने पर स्वच्छता और पौधारोपण अभियान चलाने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में सफाई कार्यों को तेज किया जाएगा और सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण किया जाएगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शहर को स्वच्छ और हरित बनाना है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना भी है। स्थानीय स्कूलों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों को इस अभियान में शामिल करने की योजना बनाई गई है, ताकि सामूहिक प्रयास से करनाल को एक आदर्श नगर के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।   ---

हरियाणा में अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना

   हरियाणा सरकार ने राज्य में अनाज भंडारण की क्षमता को बढ़ाने के लिए नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत अगले कुछ वर्षों में 20 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और अनाज की गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहेगी। सरकार का उद्देश्य है कि भंडारण की कमी के कारण किसानों को होने वाले नुकसान को रोका जाए और राज्य की खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाया जाए। यह कदम हरियाणा को कृषि क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।   ---

हरियाणा के पहलवानों का एशियन गेम्स में दबदबा

    हरियाणा ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी ताकत साबित की है। एशियन गेम्स 2026 के लिए कुश्ती स्पर्धाओं में चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सभी 18 स्पॉट्स हरियाणा के पहलवानों ने हासिल कर लिए हैं। यह उपलब्धि राज्य के खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा के पहलवानों की यह मजबूत मौजूदगी भारत को एशियन गेम्स में पदक तालिका में ऊँचा स्थान दिलाने में मदद करेगी। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा है कि यह हरियाणा की खेल संस्कृति और प्रतिभा का प्रमाण है।   ---

हरियाणा की चीनी मिलों को लाभकारी बनाने का लक्ष्य

 हरियाणा की चीनी मिलों को लाभकारी बनाने का लक्ष्य   हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की सहकारी चीनी मिलों को एक साल के भीतर लाभकारी बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने अधिकारियों और प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मिलों की कार्यप्रणाली में सुधार लाकर उत्पादन क्षमता और वित्तीय स्थिति को मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए मिलों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन अपनाना होगा। इस पहल से न केवल किसानों को राहत मिलेगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।  

हरियाणा में अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार

  हरियाणा सरकार ने अपराध नियंत्रण और निगरानी को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद जिलों में कुल 10,892 अपराधियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है। इस पहल के तहत अपराधियों की पूरी जानकारी, उनके मामलों और गतिविधियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होगा, जिससे पुलिस और प्रशासन को अपराध रोकथाम में मदद मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस डिजिटल सिस्टम से अपराधियों पर निगरानी आसान होगी और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में यह एक महत्वपूर्ण साधन साबित होगा।   ---

जम्मू-कश्मीर में औपनिवेशिक मानसिकता मिटाने की अपील

  जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि राज्य को औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलकर अपने गौरवशाली इतिहास को सही रूप में प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा और समाज में ऐसी सोच को बढ़ावा दिया जाए, जिससे युवा अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को समझ सकें। सिन्हा ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का इतिहास केवल संघर्षों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समृद्ध परंपराओं और योगदानों से भरा हुआ है। इस बयान को राज्य में नई दिशा देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को आत्मनिर्भर और आत्मगौरव से भरने का संदेश देती है।   ---