नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026 — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पश्चिम एशिया में हुए युद्धविराम का स्वागत करते हुए इसे तनाव कम करने, कूटनीति को पुनर्जीवित करने और स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। कांग्रेस कार्य समिति द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि किसी भी सरकार की नीतियां और निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और मानवीय मूल्यों पर आधारित होने चाहिए। प्रस्ताव में महात्मा गांधी के आदर्शों और पंडित जवाहरलाल नेहरू की दूरदर्शी विदेश नीति परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि भारत ने हमेशा “संपूर्ण विश्व एक परिवार है” की भावना के साथ गुटनिरपेक्षता और अंतरराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा दिया है। संविधान के अनुच्छेद 51 में निहित सिद्धांतों के अनुरूप भारत ने एशिया-अफ्रीका के देशों के साथ मित्रता, विकासशील देशों के हितों की रक्षा और मानवीय सहायता अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाई है। कांग्रेस ने वर्तमान भाजपा सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल यात्रा और उनके संदेशों ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़...
उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रोजगार संकट, पूर्व सैनिकों की स्थिति, आईटी सेक्टर की स्थिर वेतन संरचना और कृषि पर विदेशी दबाव जैसे मुद्दों को विस्तार से उठाया। कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि अग्निवीर योजना का पहला बैच सितंबर में रिटायर होने वाला है, लेकिन उनके भविष्य की कोई ठोस योजना सरकार के पास नहीं है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि देश में 28 लाख पूर्व सैनिक हैं, जिनमें से लगभग 10 लाख रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन पिछले साल सरकार केवल 2616 लोगों को नौकरी दे सकी। पिछले पाँच वर्षों में यह संख्या मात्र 11,555 रही है। सप्पल ने निजी क्षेत्र में रोजगार की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में केवल 1.9% पूर्व सैनिकों को रोजगार मिला, और उनमें से 85% को सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दी गई। उन्होंने आईटी सेक्टर की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि 2014 से अब तक युवाओं की शुरुआती सैलरी लगभग स्थिर...