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न्याय : 12,000 रुपए महीना और अधिकतम 72,000 रुपए प्रति साल कोई मुक़ाबला नहीं इस योजना का !


12,000 रुपए महीना और अधिकतम 72,000 रुपए प्रति साल कोई मुक़ाबला नहीं इस योजना का !

इस योजना की सबसे ख़ास बात यह है कि इसके ज़रिए यह माना गया है कि पांच लोगों के परिवार के लिए देश में 6,000 रुपए महीने की न्यूनतम आय आवश्यक है। भले ही यह पर्याप्त न हो, पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के नाम पर हरेक तिमाही 2,000 रुपए नक़द के मुक़ाबले बहुत बेहतर है। कहां 6,000 रुपए साल की सम्मान निधि और कहां 6,000 रुपए महीने का न्याय - कोई मुक़ाबला ही नहीं है। इस तरह साफ़ है कि चुनावी लाभ के लिए ही सही, यह योजना और इसका नाम भी बेहतर है। यही नहीं, किसान सम्मान निधि सिर्फ किसानों के लिए है और न्याय सबके लिए। 
कई अन्य सरकारी योजनाओं की ही तरह राहुल गांधी ने भी अपनी इस योजना को दुनिया भर में बेजोड़ बताया और कहा कि सरकार (अगर सत्ता में आई तो) सुनिश्चित करेगी कि हरेक परिवार की आय 12,000 रुपए महीने हो। उन्होंने इस आधार को ख़ुद ही महत्वपूर्ण भी बताया। 12,000 रुपए महीना और अधिकतम 72,000 रुपए प्रति साल प्रति परिवार का यह आंकड़ा बहुतों को नहीं समझ में आया। हालांकि, इनमें ऐसे लोग ज़्यादा थे जो समझना नहीं चाहते थे या आदतन 'राहुल पप्पू है' के प्रचार से प्रभावित थे। वे यह मानकर चल रहे थे कि राहुल को इतना भर हिसाब नहीं आता है और वह देश भर के लिए योजना पेश कर रहे हैं। 3.6 लाख करोड़ रुपए प्रति वर्ष के खर्च की बात कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों को साढ़े तीन रुपए दिए, इस पर संसद में ताली बजी। हवाई-जहाज में उड़ने वाले अमीरों को लाखों करोड़ रुपए देते हैं। हम ग़रीबों के ख़ाते में पैसा डालेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस योजना से 5 करोड़ परिवार और 25 करोड़ लोगों को फ़ायदा मिलेगा।

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