Skip to main content

3 महीने में रिटायर होने वाले थे DSP सुरेंद्र सिंह, माफिया ने डंपर से कुचलकर खत्म कर दी जिंदगी

 हरियाणा के तावडू (नूह) DSP सुरेंद्र सिंह बिश्नोई की खनन माफिया ने डंपर से कुचलकर हत्या कर दी. डीएसपी एक गुप्त सूचना पर तावडू (Tauru) हिल इलाके में छापेमारी करने गए थे, जहां अवैध रूप से खनन किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि सुरेंद्र सिंह इसी साल तीन महीने बाद हरियाणा पुलिस से रिटायर होने वाले थे. 


एक चश्मदीद ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे तावडू डीएसपी सुरेंद्र सिंह पचगांव पहाड़ी के नजदीक अपने सरकारी वाहन के पास खड़े थे. इसी दौरान उन्होंने अवैध तरीके से पत्थर का परिवहन कर रहे डंपर को हाथ देकर रोकने का इशारा किया. यह देख ड्राइवर ने वाहन न रोकते हुए उसकी गति और तेज कर दी और पुलिस अधिकारी को कुचलते हुए आगे बढ़ गया.


इस घटना में पुलिस अधिकारी की मौत पर ही मौत हो गई. डीएसपी की मौके पर ही हत्या कर आरोपी ड्राइवर मौके से फरार है. पुलिस ने डंपर चालक को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है. 


खट्टर सरकार पर कांग्रेस हमलावर


राज्य के बड़े पुलिस अधिकारी की हत्या को लेकर विपक्षी दलों ने मनोहरलाल खट्टर सरकार को निशाने पर ले लिया है. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सूबे की भाजपानीत सरकार पर हमला बोला है. सुरजेवाला ने कहा है कि हरियाणा माइनिंग माफिया का अड्डा बन चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और माइनिंग माफिया की सांठगांठ के चलते यह घटना हुई है. कांग्रेस सांसद ने इस हत्याकांड की न्यायिक जांच की मांग की है.   


फोर्स लगानी पड़ेगी तो लगाएंगे: अनिल बिज


उधर, तावडू डीएसपी सुरेंद्र सिंह की हत्या मामले पर हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल बिज ने कहा है कि कार्रवाई के सख्त आदेश दिए हैं. जितनी फोर्स लगानी पड़ेगी लगाएंगे. आसपास के जिलों की फोर्स लगानी पड़ेगी तो लगाएंगे. खनन माफियाओं अब बख्शे नहीं


जाएंगे.  

Comments

Popular posts from this blog

चंडीगढ़ पर केंद्र का कब्ज़ा, पंजाब-हरियाणा के अधिकारों पर सीधा हमला: कांग्रेस नेता भगवंत सिंह भांबा

  चंडीगढ़/करनाल, 23 नवम्बर:   केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर पंजाब और हरियाणा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस विधेयक के तहत चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 में शामिल कर सीधे राष्ट्रपति के अधीन किया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा ने इस कदम को पंजाब और हरियाणा के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।   भांबा ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की भूमि पर बसाया गया था और 1966 में हरियाणा के गठन के बाद इसे दोनों राज्यों की साझा राजधानी के रूप में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह संशोधन पंजाब और हरियाणा की ऐतिहासिक दावेदारी को खत्म कर देगा और चंडीगढ़ को पूरी तरह केंद्र के अधीन कर देगा।   उन्होंने कहा, “यह विधेयक संघीय ढाँचे पर सीधा प्रहार है। पंजाब और हरियाणा की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। चंडीगढ़ हमारी पहचान और अधिकार का प्रतीक है, इसे दिल्ली की सत्ता के हवाले करना विश्वासघात है।”   भांबा ने  कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्द...

गुरु नानक दरबार, भंभा कॉलोनी निसिंग में श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया गया गुरु नानक देव जी का पावन प्रकट दिवस

गुरु नानक दरबार, भंभा कॉलोनी निसिंग में श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया गया गुरु नानक देव जी का पावन प्रकट दिवस निसिंग, 5 नवम्बर —  गुरु नानक देव जी महाराज का पावन प्रकट दिवस इस वर्ष भी गुरु नानक दरबार, भंभा कॉलोनी निसिंग में बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। स्थानीय श्रद्धालुओं और सेवादारों ने मिलकर पूरे आयोजन को सेवा, समर्पण और भाईचारे की मिसाल बना दिया। सेवादारों ने श्रद्धा भाव से चाय-पकौड़ों की सेवा की और गुरु का लंगर चलाया, जिसे गुरु की प्यारी संगत ने श्रद्धा पूर्वक ग्रहण किया। निसिंग और आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बिना किसी धार्मिक भेदभाव के गुरु घर में हाज़िरी भरी और गुरु साहिब के उपदेशों को अपने मन में बसाया। मुख्य सेवादार भगवंत सिंह भंभा, अमर सिंह, पंजाब सिंह आदि ने नौजवान संगत के साथ मिलकर सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजन में हिस्सा लिया, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता की भावना जागृत हुई। गुरु नानक देव जी के जीवन और शिक्षाओं को समर्पित यह आयोजन समाज में प्रेम, सम...

पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा का तीखा बयान: "पंजाबियों की विरासत से खेलने की हिम्मत न करें केंद्र और राज्य सरकारें"

  पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा का तीखा बयान: "पंजाबियों की विरासत से खेलने की हिम्मत न करें केंद्र और राज्य सरकारें" करनाल , 10 नवम्बर 2025 —  पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहे विवाद पर पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा ने छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के समर्थन में एक तीखा और भावनात्मक बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार और पंजाब सरकार को पंजाबियों की भावनाओं से खेलने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाबी विरासत को छीनने की किसी भी कोशिश को पंजाब की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। भांबा ने कहा कि पंजाब, हरियाणा या कोई भी राज्य अपनी यूनिवर्सिटियों और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षक है और उन्हें अपने तरीके से इन्हें सुरक्षित रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने छात्रों और कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को पूरी तरह न्यायोचित बताया और कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान की रक्षा नहीं, बल्कि पंजाब की आत्मा की रक्षा का संघर्ष है। उनके अनुसार, सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन विरासत स्थायी होती है। पंजाब यूनिव...