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स्वास्थ्य चेतावनी – नई दिल्ली में वैश्विक ऑन्कोलॉजी सम्मेलन में युवा भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता

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नई दिल्ली में आयोजित वैश्विक ऑन्कोलॉजी सम्मेलन में विशेषज्ञों ने भारत में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सम्मेलन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, हाल के वर्षों में युवा भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों ने कहा कि पहले यह बीमारी मुख्यतः 40 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में पाई जाती थी, लेकिन अब 25 से 35 वर्ष की आयु वर्ग में भी तेजी से बढ़ रही है।  


चिकित्सकों ने इस प्रवृत्ति को जीवनशैली में बदलाव, असंतुलित आहार, तनाव और पर्यावरणीय कारणों से जुड़ा बताया। सम्मेलन में यह भी जोर दिया गया कि समय पर जांच और प्रारंभिक पहचान से स्तन कैंसर का इलाज संभव है और मरीजों की जीवन दर को काफी बढ़ाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने महिलाओं से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से स्व-परीक्षण और मैमोग्राफी कराएँ तथा किसी भी असामान्यता को नज़रअंदाज़ न करें।  


सम्मेलन में स्वास्थ्य नीति निर्माताओं को सुझाव दिया गया कि देशभर में जागरूकता अभियान चलाए जाएँ और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्तन कैंसर की जांच सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम उठाए गए तो इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है और हजारों महिलाओं की जान बचाई जा सकती है।  



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