बठिंडा, पंजाब – 6 फरवरी 2026
पंजाब के बठिंडा जिले में शुक्रवार को किसानों और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएँ सामने आईं। किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहन) के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, जिस दौरान पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर अचानक बल प्रयोग किया गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कई स्थानों पर धुआँ और अफरातफरी का दृश्य देखा गया।
विपक्ष का आरोप
कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने इस घटना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने किसानों पर बर्बरता दिखाई है।
> “ऐसी बर्बरता तानाशाही शासित देशों जैसे चीन और रूस में देखने को मिलती है। पंजाब को एक #PoliceState में बदल दिया गया है,” खैहरा ने कहा।
कांग्रेस ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त की है।
किसानों की मांगें
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी
- कृषि ऋण माफी
- फसल बीमा और मुआवज़े की व्यवस्था
- कृषि नीतियों में किसानों की भागीदारी
किसानों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि वे केवल अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
सरकार और पुलिस का पक्ष
पंजाब पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। सरकार का कहना है कि किसानों की मांगों पर बातचीत जारी है, लेकिन हिंसक या अव्यवस्थित प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं है।
राजनीतिक असर
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकती है। विपक्षी दल इसे किसानों के साथ खड़े होने का अवसर मान रहे हैं, जबकि सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द करे।

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