अमेरिका में इमिग्रेशन नीति को लेकर बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सांसद ग्रेग स्ट्यूब ने हाल ही में EXILE एक्ट नामक विधेयक पेश किया है, जिसके तहत लोकप्रिय H-1B वीज़ा कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करने की योजना है। यह वही वीज़ा है जिसके माध्यम से बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर अमेरिका में काम करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव कानून का रूप लेता है तो इसका सबसे बड़ा असर भारतीय आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर के कर्मचारियों पर पड़ेगा। वर्तमान में हजारों भारतीय इंजीनियर, डॉक्टर, शोधकर्ता और अन्य पेशेवर H-1B वीज़ा के तहत अमेरिका में कार्यरत हैं।
ग्रेग स्ट्यूब का कहना है कि यह कदम अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और विदेशी श्रमिकों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि इससे अमेरिका की टेक कंपनियों को भारी नुकसान होगा क्योंकि वे लंबे समय से भारतीय और अन्य विदेशी प्रतिभाओं पर निर्भर रही हैं।
भारतीय समुदाय और उद्योग जगत में इस प्रस्ताव को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई संगठनों ने कहा है कि यह कदम अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक व व्यावसायिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल यह विधेयक प्रारंभिक चरण में है और इसे कानून बनने के लिए कांग्रेस में लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। लेकिन इसके पेश किए जाने से ही भारतीय पेशेवरों और कंपनियों में असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है।
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