महाराष्ट्र के नागपुर में एक कार्यक्रम के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दौरान नेताओं को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जो काफी चर्चित हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता को सब्जबाग दिखाने वाले नेता अच्छे लगते हैं लेकिन सपने पूरे नहीं हुए तो जनता पिटाई भी करती है। गडकरी ने कहा, 'सपने दिखाने वाले नेता लोगों को अच्छे लगते हैं, पर दिखाए हुए सपने अगर पूरे नहीं किए तो जनता उनकी पिटाई भी करती है। इसलिए सपने वही दिखाएं जो पूरे कर सकें.... मैं सपने दिखाने वाले में से नहीं हूं। मैं जो बोलता हूं वो 100 प्रतिशत डंके की चोट पर पूरा होता है।'नितिन गडकरी अपने बेबाक बयानों की वजह से चर्चाओं में रहते हैं। कुछ दिन पहले तो उन्होंने अपने बयान से ऐसे संकेत दिए कि बीजेपी ने 2014 में जानबूझकर झूठे चुनावी वादे किए थे। तब गडकरी ने कहा, 'हमें पूरा भरोसा था कि हम कभी भी सत्ता में नहीं आएंगे, इसलिए हमें लंबे-चौड़े वादे करने की सलाह मिली थी।...अब जब हम सत्ता में हैं तो लोग हमें उन वादों की याद दिलाते हैं, जिन्हें हमने किया था। हालांकि, इन दिनों हम सिर्फ हंस देते हैं और आगे बढ़ जाते हैं।'
चंडीगढ़/करनाल, 23 नवम्बर: केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर पंजाब और हरियाणा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस विधेयक के तहत चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 में शामिल कर सीधे राष्ट्रपति के अधीन किया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा ने इस कदम को पंजाब और हरियाणा के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। भांबा ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की भूमि पर बसाया गया था और 1966 में हरियाणा के गठन के बाद इसे दोनों राज्यों की साझा राजधानी के रूप में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह संशोधन पंजाब और हरियाणा की ऐतिहासिक दावेदारी को खत्म कर देगा और चंडीगढ़ को पूरी तरह केंद्र के अधीन कर देगा। उन्होंने कहा, “यह विधेयक संघीय ढाँचे पर सीधा प्रहार है। पंजाब और हरियाणा की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। चंडीगढ़ हमारी पहचान और अधिकार का प्रतीक है, इसे दिल्ली की सत्ता के हवाले करना विश्वासघात है।” भांबा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्द...

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