Skip to main content

NDMC to Mentor Palwal in Sanitation Overhaul Under ‘Swachh Shehar Jodi’

 NDMC to Mentor Palwal in Sanitation Overhaul Under ‘Swachh Shehar Jodi’



New Delhi | September 2025 —  

In a strategic push for urban cleanliness, the New Delhi Municipal Council (NDMC) and Palwal Municipal Council have signed a Memorandum of Understanding (MoU) under the Swachh Shehar Jodi Initiative, committing to a 100-day sanitation transformation program.


NDMC, ranked among India’s top clean cities, will mentor Palwal in upgrading waste management, public hygiene, and citizen engagement. The collaboration includes training sessions, digital monitoring tools, and community-led cleanliness drives.


“This is not just a partnership—it’s a promise to elevate urban dignity,” said an NDMC official. “We’re sharing expertise, empathy, and execution.”


The initiative is part of the Ministry of Housing and Urban Affairs’ broader mission to replicate best practices across tier-2 and tier-3 cities. Palwal aims to improve its Swachh Survekshan ranking and build sustainable civic infrastructure.


-

Comments

Popular posts from this blog

करनाल में बैसाखी कार्यक्रम – सरदार गुरदीप सिंह सप्पल का संबोधन

करनाल में बैसाखी के अवसर पर आयोजित कांग्रेस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता सरदार गुरदीप सिंह सप्पल ने ऐतिहासिक घटनाओं और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानी ने देश में आज़ादी की लहर पैदा की और कांग्रेस के कराची अधिवेशन को नई दिशा दी।   सप्पल ने बताया कि भगत सिंह के पिता सरदार किशन सिंह ने कांग्रेस मंच से कार्यकर्ताओं और देशवासियों से अपील की थी कि स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए गांधी जी के नेतृत्व में लामबंद हों। उन्होंने इसे कांग्रेस, गांधी और भगत सिंह के बीच गहरे संबंध का प्रतीक बताया।   अपने भाषण में उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस ने अपने शुरुआती वर्षों में जलियांवाला नरसंहार, भगत सिंह की शहादत और नागरिक अधिकारों पर कोई समर्थन नहीं दिया, जबकि कांग्रेस ने कराची अधिवेशन में नागरिक अधिकारों का प्रस्ताव पारित कर संविधान की नींव रखी। सप्पल ने इस संदर्भ में संविधान की रक्षा को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।   कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार...

वरिष्ठ पंथक नेता और लेखक सरदार गुरिंदर पाल सिंह धनौला का निधन, 11 दिसंबर 2025 को रात 9 बजे अंतिम सांस ली

वरिष्ठ पंथक नेता और लेखक सरदार गुरिंदर पाल सिंह धनौला का निधन, 11 दिसंबर 2025 को रात 9 बजे अंतिम सांस ली बरनाला, पंजाब – 12 दिसंबर 2025:  पंजाब ने अपना सच्चा पहरेदार खो दिया। वरिष्ठ पंथक नेता, लेखक और समाजसेवी सरदार गुरिंदर पाल सिंह धनौला का 11 दिसंबर 2025 को रात 9 बजे निधन हो गया। उनके निधन से पूरे पंजाब में शोक की लहर दौड़ गई है। धनौला कस्बे से जुड़े इस व्यक्तित्व ने अपना जीवन सिख अधिकारों, न्याय और समाजिक जागरूकता के लिए समर्पित किया।   धनौला जी का राजनीतिक सफर कई दशकों तक फैला रहा। वे शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), सरब हिंद शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी जैसे दलों से जुड़े रहे। वे SAD (Amritsar) के महासचिव रहे और 2002 में धनौला विधानसभा क्षेत्र से BSP के टिकट पर चुनाव लड़ा। इसके अलावा, 1990 के दशक में उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरजीत सिंह बर्नाला के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में भी सेवाएं दीं।   राजनीति के साथ-साथ उनकी पहचान एक निर्भीक लेखक के रूप में भी रही। उनके लेख समाज की सच्चाई और सिख मूल्यों की आवाज़ बने। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों...

मनरेगा खत्म करना करोड़ों परिवारों से रोज़ी-रोटी की गारंटी छीनना है: भगवंत सिंह भांबा

मनरेगा को समाप्त करने की चर्चाओं पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को खत्म करना देश के करोड़ों परिवारों से रोज़ी-रोटी की गारंटी छीनने जैसा है। भांबा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की तथाकथित "रोज़गार गारंटी योजना" में वास्तव में किसी भी प्रकार की रोजगार की गारंटी नहीं है।   उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत न केवल रोजगार का भरोसा समाप्त कर दिया गया है, बल्कि करोड़ों लोगों से अपने रोजगार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का अधिकार भी छीन लिया गया है। भांबा ने इसे आम जनता के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीण भारत के लिए जीवनरेखा रही हैं, जिसने कठिन समय में गरीब परिवारों को सहारा दिया।   कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार की नीतियां आम जनता को असुरक्षा और बेरोजगारी की ओर धकेल रही हैं। उन्होंने मांग की कि मनरेगा जैसी योजनाओं को और मज़बूत किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का संकट न बढ़े। भांबा ने कहा कि यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आजीविका और सम्मान स...