पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने एक मामले में पीड़ित को दिए गए ₹1 लाख के मुआवज़े को बढ़ाकर ₹5.9 लाख कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को उचित और न्यायसंगत मुआवज़ा मिलना चाहिए, ताकि वे जीवनयापन और उपचार संबंधी खर्चों का सामना कर सकें। इस निर्णय को सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में ऐसे मामलों में पीड़ितों को अधिक राहत दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
चंडीगढ़/करनाल, 23 नवम्बर: केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर पंजाब और हरियाणा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस विधेयक के तहत चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 में शामिल कर सीधे राष्ट्रपति के अधीन किया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा ने इस कदम को पंजाब और हरियाणा के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। भांबा ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की भूमि पर बसाया गया था और 1966 में हरियाणा के गठन के बाद इसे दोनों राज्यों की साझा राजधानी के रूप में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह संशोधन पंजाब और हरियाणा की ऐतिहासिक दावेदारी को खत्म कर देगा और चंडीगढ़ को पूरी तरह केंद्र के अधीन कर देगा। उन्होंने कहा, “यह विधेयक संघीय ढाँचे पर सीधा प्रहार है। पंजाब और हरियाणा की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। चंडीगढ़ हमारी पहचान और अधिकार का प्रतीक है, इसे दिल्ली की सत्ता के हवाले करना विश्वासघात है।” भांबा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्द...

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