ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी सेना ज़मीनी स्तर पर ईरान में प्रवेश करती है तो उन्हें "ताबूतों में वापस लौटना पड़ेगा"।
ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी सेना ज़मीनी स्तर पर ईरान में प्रवेश करती है तो उन्हें "ताबूतों में वापस लौटना पड़ेगा"। यह बयान तेहरान टाइम्स ने प्रकाशित किया है, जिसमें साफ तौर पर अमेरिका को चुनौती दी गई है।
पेंटागन की ओर से संकेत मिले हैं कि अमेरिका सीमित स्तर पर ज़मीनी अभियान की तैयारी कर रहा है, जिसमें लगभग 10,000 सैनिकों की तैनाती की संभावना जताई जा रही है। इस खबर ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है।
ईरान ने दावा किया है कि उसने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर अमेरिकी E-3 सेंट्री AWACS विमान को नष्ट कर दिया है। इस हमले में कम से कम 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। यह घटना अमेरिका की सैन्य ताकत को सीधी चुनौती मानी जा रही है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान के परमाणु ढांचे पर हमले को अस्थायी रूप से रोक दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम का प्रस्ताव बढ़ाते हुए कहा है कि 6 अप्रैल तक ईरान को जवाब देने का समय दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने अब तक इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका ज़मीनी युद्ध में उतरता है तो यह संघर्ष केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति को प्रभावित करेगा। तेल की कीमतों में भारी उछाल और वैश्विक बाज़ारों में गिरावट पहले ही देखने को मिल रही है।

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