इज़राइल ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को मज़बूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 45 अरब डॉलर का रक्षा बजट पास करने की योजना बनाई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। यह बजट मुख्य रूप से ईरान के साथ बढ़ते तनाव और अमेरिका के साथ मिलकर चल रहे सैन्य अभियानों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
इस रक्षा बजट में आधुनिक हथियारों, मिसाइल रक्षा प्रणाली, वायुसेना और नौसेना की क्षमताओं को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इज़राइल का मानना है कि ईरान के साथ संभावित युद्ध की स्थिति में उसे अपनी सैन्य शक्ति को और मज़बूत करना होगा।
हालाँकि, इस निर्णय का असर नागरिक मंत्रालयों पर पड़ेगा। सरकार ने साफ किया है कि रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे मंत्रालयों के बजट में कटौती करनी पड़ेगी। इससे आम जनता में असंतोष बढ़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इज़राइल का यह कदम उसकी सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है, लेकिन नागरिक सेवाओं में कटौती से घरेलू स्तर पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ सकता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश जाता है कि इज़राइल आने वाले समय में किसी भी बड़े सैन्य संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहता है।

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