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अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है



अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के होर्मुज़ के पास स्थित बंदरगाह और तेहरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना ज़मीनी कार्रवाई करती है तो उन्हें "ताबूतों में वापस लौटना पड़ेगा"।  


पेंटागन ने संकेत दिया है कि सीमित स्तर पर ज़मीनी अभियान की तैयारी चल रही है, जिसमें लगभग 10,000 सैनिकों की तैनाती की संभावना जताई जा रही है। इस कदम ने वैश्विक स्तर पर युद्ध के विस्तार की आशंका को और गहरा कर दिया है।  


ईरान ने दावा किया है कि उसने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर अमेरिकी E-3 सेंट्री AWACS विमान को नष्ट कर दिया है, जिसमें कम से कम 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए। वहीं, अमेरिका ने ईरान के परमाणु ढांचे पर हमले को अस्थायी रूप से रोक दिया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अप्रैल तक युद्धविराम का प्रस्ताव बढ़ाया है।  


इस बीच, इज़राइल ने अपनी रक्षा तैयार करते हुए 45 अरब डॉलर का रक्षा बजट पास करने की योजना बनाई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। इसके चलते नागरिक मंत्रालयों के बजट में कटौती की जाएगी।  


इन घटनाओं ने न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया में अस्थिरता पैदा कर दी है। तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाज़ारों में गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका के भीतर भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जहाँ लाखों लोग सड़कों पर उतरकर राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।  



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