भारत के सिखों को गुरदीप सिंह सप्पल जी के रूप में मिला एक असाधारण नेता – पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भगवंत सिंह भांबा
नई दिल्ली, 4 अप्रैल 2026 –
संविधान क्लब ऑफ इंडिया में आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ। विषय था “संविधान, धर्मनिरपेक्षता और सिख धर्म”। इस अवसर पर वरिष्ठ चिंतक स. गुरदीप सिंह सप्पल जी ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में भारत के 13 राज्यों से सिख समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि सिख समुदाय पूरे देश में संविधान और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को लेकर गहरी प्रतिबद्धता रखता है।
अपने संबोधन में सप्पल जी ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और धर्मनिरपेक्षता लोकतंत्र की आत्मा है। सिख धर्म के मूल्यों में भी समानता, न्याय और भाईचारे की भावना निहित है।
भगवंत सिंह भांबा ने इस अवसर पर कहा कि आज भारत के सिखों को एक अद्वितीय नेता मिला है, जो संविधान और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को समाज तक पहुँचाने में सक्षम है। उन्होंने इसे सिख समाज के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
यह आयोजन न केवल सिख समुदाय बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायी रहा। यह संदेश देता है कि भारत की विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में सिख समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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