भारत में सिख समुदाय से जुड़ी सबसे बड़ी खबर यह है कि पाकिस्तान ने बैसाखी और खालसा पंथ की 327वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या में वीज़ा जारी किए हैं। पाकिस्तान के Evacuee Trust Property Board ने इस बार 2,800 से अधिक भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीज़ा दिया है। ये श्रद्धालु 10 अप्रैल से 14 अप्रैल तक पंजाब प्रांत में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
श्रद्धालु सबसे पहले गुरुद्वारा पंजा साहिब, हसन अब्दाल में मुख्य समारोह में भाग लेंगे, जो 14 अप्रैल को आयोजित होगा। इसके अलावा वे गुरुद्वारा ननकाना साहिब (गुरु नानक देव जी का जन्मस्थान) और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब (जहां गुरु नानक देव जी ने अंतिम समय बिताया) भी जाएंगे। पाकिस्तान सरकार ने इन यात्राओं के लिए विशेष सुरक्षा और व्यवस्थाओं की घोषणा की है।
इस आयोजन में दुनिया भर से लगभग 26,000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। भारत से आने वाले श्रद्धालु वाघा बॉर्डर के रास्ते लाहौर पहुँचेंगे। बैसाखी का यह पर्व सिख समुदाय के लिए केवल फसल कटाई का उत्सव ही नहीं बल्कि खालसा पंथ की स्थापना का भी प्रतीक है।

Comments
Post a Comment