भारत में इस समय विधानसभा चुनावों की सरगर्मियाँ चरम पर हैं। पाँच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में अप्रैल 2026 के दौरान मतदान हो रहा है। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में कुल 824 सीटों पर चुनावी मुकाबला हो रहा है, जिसमें लगभग 17 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अप्रैल को कूचबिहार से चुनावी अभियान की शुरुआत की। वहीं असम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण एक रैली रद्द करनी पड़ी, लेकिन उन्होंने अन्य कार्यक्रम जारी रखे। तमिलनाडु में भाजपा ने अपने 27 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन भी शामिल हैं।
कांग्रेस ने पुडुचेरी में अपना घोषणापत्र जारी करते हुए पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया है। केरल में वाम मोर्चा (LDF), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और एनडीए के बीच घोषणापत्रों की जंग तेज हो गई है। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की नई पार्टी TVK ने डीएमके और एआईएडीएमके के बीच पारंपरिक मुकाबले को चुनौती देते हुए तीसरी ताकत के रूप में उभरने की कोशिश की है।
इन चुनावों में सुरक्षा और प्रबंधन बड़ी चुनौती बने हुए हैं। बड़े-बड़े जनसभाओं के बीच तकनीकी समस्याएँ और भीड़ नियंत्रण प्रशासन के लिए कठिन साबित हो रहा है। साथ ही, उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पुडुचेरी में लगभग 40% प्रत्याशी करोड़पति हैं।

Comments
Post a Comment