उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रोजगार संकट, पूर्व सैनिकों की स्थिति, आईटी सेक्टर की स्थिर वेतन संरचना और कृषि पर विदेशी दबाव जैसे मुद्दों को विस्तार से उठाया।
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि अग्निवीर योजना का पहला बैच सितंबर में रिटायर होने वाला है, लेकिन उनके भविष्य की कोई ठोस योजना सरकार के पास नहीं है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि देश में 28 लाख पूर्व सैनिक हैं, जिनमें से लगभग 10 लाख रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन पिछले साल सरकार केवल 2616 लोगों को नौकरी दे सकी। पिछले पाँच वर्षों में यह संख्या मात्र 11,555 रही है।
सप्पल ने निजी क्षेत्र में रोजगार की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में केवल 1.9% पूर्व सैनिकों को रोजगार मिला, और उनमें से 85% को सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दी गई। उन्होंने आईटी सेक्टर की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि 2014 से अब तक युवाओं की शुरुआती सैलरी लगभग स्थिर है, जबकि 2004 से 2014 के बीच डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यह वेतन 3.5 गुना बढ़ा था।
कृषि और MSME पर बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका का दबाव लगातार बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री मोदी इसके आगे झुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध ने दिखा दिया है कि दुनिया किस दिशा में जा रही है, लेकिन भारत सरकार तकनीकी बदलावों और रोजगार बचाने की योजनाओं पर ध्यान नहीं दे रही है।

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