ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में ईरानी ड्रोन हमले में सऊदी अरब के रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया गया, जिसमें सीआईए की एक सुविधा को नुकसान पहुँचा। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास दो अमेरिकी युद्धक विमानों को मार गिराया, जिनमें से एक पायलट लापता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि वह जलडमरूमध्य को खोल दे, अन्यथा “भयंकर परिणाम” भुगतने होंगे। ईरान ने इस चेतावनी को “निराशाजनक और मूर्खतापूर्ण” करार दिया है। इसी बीच, अमेरिका ने ईरान से जुड़े कई लोगों के ग्रीन कार्ड रद्द कर दिए और उन्हें हिरासत में लिया है। ट्रंप प्रशासन ने रक्षा बजट को बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे घरेलू योजनाओं में कटौती की संभावना है।
चंडीगढ़/करनाल, 23 नवम्बर: केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर पंजाब और हरियाणा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस विधेयक के तहत चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 में शामिल कर सीधे राष्ट्रपति के अधीन किया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा ने इस कदम को पंजाब और हरियाणा के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। भांबा ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की भूमि पर बसाया गया था और 1966 में हरियाणा के गठन के बाद इसे दोनों राज्यों की साझा राजधानी के रूप में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह संशोधन पंजाब और हरियाणा की ऐतिहासिक दावेदारी को खत्म कर देगा और चंडीगढ़ को पूरी तरह केंद्र के अधीन कर देगा। उन्होंने कहा, “यह विधेयक संघीय ढाँचे पर सीधा प्रहार है। पंजाब और हरियाणा की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। चंडीगढ़ हमारी पहचान और अधिकार का प्रतीक है, इसे दिल्ली की सत्ता के हवाले करना विश्वासघात है।” भांबा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्द...

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