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ईरान-अमेरिका युद्धविराम संकट: लेबनान पर हमले से बढ़ा तनाव

 


ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित युद्धविराम समझौता अब गंभीर संकट में है। पाकिस्तान में होने वाली वार्ता से पहले ही ईरान ने अमेरिका की अल्पकालिक युद्धविराम योजना को खारिज कर दिया है। ईरान का आरोप है कि समझौते की कई शर्तों का उल्लंघन हुआ है, जिनमें अमेरिकी ड्रोन की ईरानी सीमा में घुसपैठ और यूरेनियम संवर्धन के अधिकार पर विवाद शामिल है।  


इसी बीच इज़राइल ने लेबनान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। इस घटना ने युद्धविराम की वैधता पर सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि पाकिस्तान ने मध्यस्थता करते समय लेबनान को समझौते में शामिल ही नहीं किया था। ब्रिटेन ने अब लेबनान को युद्धविराम में शामिल करने की मांग की है ताकि मानवीय संकट को रोका जा सके।  


तेल आपूर्ति पर भी गंभीर असर पड़ा है। ईरान ने कुछ समय के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोल दिया था, लेकिन इज़राइल के हमलों के बाद इसे फिर से बंद कर दिया। यह जलमार्ग विश्व के लगभग 20% तेल परिवहन का केंद्र है, जिससे वैश्विक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।  


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं हुआ तो "पूरा ईरान मिटा दिया जाएगा।" इस बयान ने तनाव को और बढ़ा दिया है। वहीं, उत्तर कोरिया ने क्लस्टर बम वाले मिसाइल परीक्षण की पुष्टि की है, जिससे पूर्वी एशिया में सुरक्षा संकट और गहरा गया है।  


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