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चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल – विपक्ष ने लगाया पक्षपात का आरोप

 


भारत में चुनाव आयोग (ECI) की भूमिका पर इन दिनों गंभीर बहस छिड़ी हुई है। विपक्षी दलों ने आयोग पर आरोप लगाया है कि वह चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बरतने के बजाय सत्ताधारी दल के पक्ष में काम कर रहा है।  


पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि आयोग ने चुनावी हिंसा और गड़बड़ियों के लिए केवल TMC को जिम्मेदार ठहराया, जबकि अन्य दलों की गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया। दिल्ली में हुई बैठक में TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें “Get Lost” कहकर बैठक से बाहर निकाल दिया। इस घटना ने आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  


कर्नाटक में भी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जब बीजेपी सरकारें चुनाव से पहले योजनाओं का लाभ देती हैं तो आयोग चुप रहता है, लेकिन कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं पर सवाल उठाता है। उन्होंने इसे “मिलीभगत” करार दिया और कहा कि आयोग का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।  


बीजेपी का पक्ष है कि चुनाव आयोग केवल नियमों का पालन करवा रहा है और विपक्ष अपनी गलतियों को छिपाने के लिए आरोप लगा रहा है। वहीं विपक्ष का कहना है कि यदि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो लोकतंत्र की नींव हिल सकती है।  



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