कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने द हिंदू में प्रकाशित अपने संपादकीय लेख में स्पष्ट किया है कि असली मुद्दा महिलाओं के लिए आरक्षण नहीं, बल्कि सीटों का परिसीमन (Delimitation) है।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने द हिंदू में प्रकाशित अपने संपादकीय लेख में स्पष्ट किया है कि असली मुद्दा महिलाओं के लिए आरक्षण नहीं, बल्कि सीटों का परिसीमन (Delimitation) है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह संवैधानिक संशोधनों को जल्दबाज़ी में बिना पर्याप्त बहस के आगे बढ़ा रही है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
सोनिया गांधी ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण का प्रश्न पहले ही सुलझ चुका है, लेकिन परिसीमन के जरिए लोकसभा और विधानसभाओं की संरचना में बदलाव करना संविधान पर सीधा हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोकसभा की सीटें बढ़ाई जाती हैं तो यह केवल गणितीय नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी न्यायसंगत होना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा विशेष सत्र बुलाने के समय और तरीके पर भी सवाल उठाए और कहा कि जनगणना 2021 में देरी तथा 73वें और 74वें संशोधनों के संदर्भ में परिसीमन का असर बेहद गंभीर होगा। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर सभी दलों से व्यापक चर्चा की मांग की है और इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक बताया है।
यह बहस अब संसद के आगामी मानसून सत्र में और तेज़ होने की संभावना है, जहां विपक्ष सरकार से इस विषय पर स्पष्ट जवाब की अपेक्षा करेगा।

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