देश में पेट्रोल और डीज़ल की लगातार बढ़ती कीमतें तथा गैस की कमी आम जनता के लिए गंभीर संकट बन चुकी हैं। रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है और महंगाई का बोझ सीधे जनता की जेब पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सुझावों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सरकार को ठोस विकल्प और नीतिगत कदम उठाने होंगे।
इस संकट के बीच लोगों को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की याद आ रही है, जिन्होंने वैश्विक आर्थिक मंदी के समय भारत को सुरक्षित रखा था और उसके असर को देश पर हावी नहीं होने दिया था।
जनता का सवाल है कि क्या वर्तमान सरकार के पास कोई सक्षम अर्थशास्त्री या नीतिवान नहीं है, जो इस अनचाहे संकट से देश को बाहर निकाल सके।
भगवंत सिंह भंबा, पूर्व चेयरमैन का बयान:
"प्रधानमंत्री जी को केवल सुझावों पर नहीं, बल्कि विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए। काश मोदी जी अमेरिका के आगे झुकने और ईरान को 'फादर नेशन' कहने से पहले अपने देश की जनता के बारे में सोचते। अगर पुराने दोस्त रूस और ईरान को नज़रअंदाज़ न किया होता, तो आज इस संकट की नौबत ही न आती।"

Comments
Post a Comment