हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया गया एनसीआर सीमाओं में बदलाव का प्रस्ताव अब खारिज कर दिया गया है। इस प्रस्ताव में राज्य के कुछ हिस्सों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से बाहर करने की बात कही गई थी। लेकिन केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरणों ने इसे स्वीकार नहीं किया। परिणामस्वरूप, हरियाणा के मौजूदा एनसीआर क्षेत्र की सीमाएँ यथावत रहेंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और कर्नाल जैसे जिलों में विकास योजनाएँ और शहरी परियोजनाएँ प्रभावित नहीं होंगी। एनसीआर क्षेत्र में बने रहने से इन जिलों को केंद्र सरकार की योजनाओं, फंडिंग और बुनियादी ढाँचे के विकास का लाभ मिलता रहेगा।
स्थानीय प्रशासन ने भी राहत की साँस ली है। उनका कहना है कि यदि सीमाएँ घटाई जातीं तो कई परियोजनाओं पर असर पड़ता और निवेशकों का भरोसा कम होता। वहीं, कुछ राजनीतिक दलों ने इसे “जनहित में लिया गया सही निर्णय” बताया है।
इस फैसले से हरियाणा के शहरी विकास और क्षेत्रीय योजना को स्थिरता मिलेगी। NCR में बने रहने से राज्य को परिवहन, पर्यावरण और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाओं में निरंतर सहयोग मिलता रहेगा।

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