अमेरिका के आइडाहो राज्य में लागू किए गए विवादित ट्रांसजेंडर बाथरूम कानून पर संघीय अदालत ने रोक लगा दी है। इस कानून के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को उनके जेंडर आइडेंटिटी के अनुसार सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करने से रोका जा रहा था। अदालत ने इसे संविधान और मानवाधिकारों के खिलाफ बताते हुए अस्थायी रूप से लागू होने से रोक दिया है।
न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि यह कानून ट्रांसजेंडर समुदाय के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और उन्हें समाज से अलग करने का प्रयास है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक मामले की विस्तृत सुनवाई नहीं होती, तब तक इस कानून को लागू नहीं किया जा सकता।
इस फैसले का स्वागत करते हुए मानवाधिकार संगठनों ने कहा कि यह ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए राहत की बड़ी खबर है। उन्होंने इसे “समानता और गरिमा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम” बताया। वहीं, कानून समर्थकों ने इसे पारंपरिक सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक बताया था, लेकिन अदालत ने उनके तर्कों को खारिज कर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अमेरिका में जेंडर अधिकारों और सामाजिक न्याय की दिशा में एक मिसाल बनेगा। आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी ऐसे कानूनों को चुनौती दी जा सकती है।

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