हरियाणा के करनाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की है। यह कार्रवाई दिल्ली और गोवा सहित कुल 11 ठिकानों पर की गई। मामला महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिस पर ₹155 करोड़ के फर्जी लेन-देन और हवाला नेटवर्क के ज़रिए धन शोधन का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने नकली बिलिंग और शेल कंपनियों के माध्यम से भारी मात्रा में धन का लेन-देन किया। ED ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़, डिजिटल रिकॉर्ड और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े सबूत बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल विदेशों में धन भेजने और कर चोरी करने के लिए किया जा रहा था।
करनाल में हुई इस कार्रवाई ने स्थानीय व्यापार जगत को हिला दिया है। कई कारोबारी संगठनों ने इसे “काले धन पर बड़ी चोट” बताया है। वहीं, विपक्षी दलों ने सरकार से मांग की है कि इस मामले की पूरी सच्चाई जनता के सामने लाई जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह छापेमारी न केवल हरियाणा बल्कि पूरे उत्तर भारत में चल रहे हवाला नेटवर्क पर नकेल कसने की दिशा में अहम कदम है। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं, तो यह राज्य के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक होगा।

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