Skip to main content

हरियाणा में वोट चोरी का बड़ा आरोप: परमेंदर सिंह भांबा बोले– राहुल गांधी ने किया सच उजागर, लोकतंत्र की हत्या हो रही है

 



चंडीगढ़। 05 नवम्बर 2025

हरियाणा की राजनीति में वोट चोरी का मुद्दा लगातार तूल पकड़ रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हाल ही में पेश किए गए तथ्यों ने राज्य की चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए किसान कांग्रेस सोशल मीडिया इंचार्ज हरियाणा, परमेंदर सिंह भांबा ने कहा कि “राहुल गांधी जी ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है। यह लोकतंत्र का कत्ल है, जो सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से चल रहा है।”

राहुल गांधी ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि हरियाणा की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। उन्होंने बताया कि करीब 25.41 लाख फर्जी वोटर जोड़े गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 12.5 प्रतिशत हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी खुलासा किया कि ब्राज़ील की एक मॉडल की तस्वीर को हरियाणा की वोटर लिस्ट में शामिल कर अलग-अलग बूथों पर मतदाता के रूप में दिखाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि एक ही महिला की तस्वीर 223 बार अलग-अलग मतदाता सूचियों में दर्ज की गई।

किसान कांग्रेस सोशल मीडिया इंचार्ज परमेंदर सिंह भांबा ने कहा कि यह सिर्फ चुनावी धांधली नहीं बल्कि किसानों और आम जनता के विश्वास के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि जब मतदाता सूची ही फर्जी होगी तो चुनाव का क्या मतलब रह जाता है। विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है और दोषियों को सख्त सज़ा देने की अपील की है।


हरियाणा में वोट चोरी का यह विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। ब्राज़ील की मॉडल की तस्वीर से लेकर लाखों फर्जी वोटरों तक के आरोप ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें चुनाव आयोग पर हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जनता का भरोसा लोकतंत्र पर फिर से कायम हो पाएगा।

Comments

Popular posts from this blog

चंडीगढ़ पर केंद्र का कब्ज़ा, पंजाब-हरियाणा के अधिकारों पर सीधा हमला: कांग्रेस नेता भगवंत सिंह भांबा

  चंडीगढ़/करनाल, 23 नवम्बर:   केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर पंजाब और हरियाणा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस विधेयक के तहत चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 में शामिल कर सीधे राष्ट्रपति के अधीन किया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा ने इस कदम को पंजाब और हरियाणा के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।   भांबा ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की भूमि पर बसाया गया था और 1966 में हरियाणा के गठन के बाद इसे दोनों राज्यों की साझा राजधानी के रूप में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह संशोधन पंजाब और हरियाणा की ऐतिहासिक दावेदारी को खत्म कर देगा और चंडीगढ़ को पूरी तरह केंद्र के अधीन कर देगा।   उन्होंने कहा, “यह विधेयक संघीय ढाँचे पर सीधा प्रहार है। पंजाब और हरियाणा की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। चंडीगढ़ हमारी पहचान और अधिकार का प्रतीक है, इसे दिल्ली की सत्ता के हवाले करना विश्वासघात है।”   भांबा ने  कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्द...

गुरु नानक दरबार, भंभा कॉलोनी निसिंग में श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया गया गुरु नानक देव जी का पावन प्रकट दिवस

गुरु नानक दरबार, भंभा कॉलोनी निसिंग में श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया गया गुरु नानक देव जी का पावन प्रकट दिवस निसिंग, 5 नवम्बर —  गुरु नानक देव जी महाराज का पावन प्रकट दिवस इस वर्ष भी गुरु नानक दरबार, भंभा कॉलोनी निसिंग में बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। स्थानीय श्रद्धालुओं और सेवादारों ने मिलकर पूरे आयोजन को सेवा, समर्पण और भाईचारे की मिसाल बना दिया। सेवादारों ने श्रद्धा भाव से चाय-पकौड़ों की सेवा की और गुरु का लंगर चलाया, जिसे गुरु की प्यारी संगत ने श्रद्धा पूर्वक ग्रहण किया। निसिंग और आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बिना किसी धार्मिक भेदभाव के गुरु घर में हाज़िरी भरी और गुरु साहिब के उपदेशों को अपने मन में बसाया। मुख्य सेवादार भगवंत सिंह भंभा, अमर सिंह, पंजाब सिंह आदि ने नौजवान संगत के साथ मिलकर सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजन में हिस्सा लिया, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता की भावना जागृत हुई। गुरु नानक देव जी के जीवन और शिक्षाओं को समर्पित यह आयोजन समाज में प्रेम, सम...

पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा का तीखा बयान: "पंजाबियों की विरासत से खेलने की हिम्मत न करें केंद्र और राज्य सरकारें"

  पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा का तीखा बयान: "पंजाबियों की विरासत से खेलने की हिम्मत न करें केंद्र और राज्य सरकारें" करनाल , 10 नवम्बर 2025 —  पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहे विवाद पर पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भांबा ने छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के समर्थन में एक तीखा और भावनात्मक बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार और पंजाब सरकार को पंजाबियों की भावनाओं से खेलने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाबी विरासत को छीनने की किसी भी कोशिश को पंजाब की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। भांबा ने कहा कि पंजाब, हरियाणा या कोई भी राज्य अपनी यूनिवर्सिटियों और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षक है और उन्हें अपने तरीके से इन्हें सुरक्षित रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने छात्रों और कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को पूरी तरह न्यायोचित बताया और कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान की रक्षा नहीं, बल्कि पंजाब की आत्मा की रक्षा का संघर्ष है। उनके अनुसार, सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन विरासत स्थायी होती है। पंजाब यूनिव...