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Showing posts from February, 2026

सरकार की साज़िश: विपक्ष की बुलंद आवाज़ को दबाने का प्रयास - परमिंदर सिंह भांबा

  किसान कांग्रेस (AICC) हरियाणा के सोशल मीडिया इंचार्ज परमिंदर सिंह भांबा ने पंजाब सरकार की हालिया कार्रवाई को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने वरिष्ठ विधायक और ऑल इंडिया किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा जी की पैतृक संपत्ति पर बुलडोज़र चलवाकर यह साबित कर दिया है कि यह कदम विपक्ष की बुलंद आवाज़ को डराने और दबाने की साज़िश है।   परमिंदर सिंह भांबा ने कहा कि खैहरा जी किसानों और आम जनता के हक़ की लड़ाई लड़ते रहे हैं। उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास दरअसल हर उस नागरिक की आवाज़ को दबाने की कोशिश है जो सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ बोलता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और कहा कि विपक्ष को चुप कराने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।   उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका जनता की आवाज़ उठाना है और अगर सरकार बुलडोज़र और पुलिस बल से विपक्ष को डराने लगे, तो यह लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही की ओर बढ़ने का संकेत  है।  

मेक्सिको में बड़ा झटका: कार्टेल सरगना "एल मेन्चो" मारा गया

  मेक्सिको में सुरक्षा बलों ने एक बड़े सैन्य अभियान के दौरान कुख्यात जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के सरगना नेमेसियो "एल मेन्चो" ओसेगुएरा को मार गिराया है। एल मेन्चो लंबे समय से मेक्सिको का सबसे वांछित अपराधी माना जाता था और उस पर मादक पदार्थों की तस्करी, हिंसा और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप थे।   उसकी मौत के बाद पूरे जलिस्को राज्य और पड़ोसी इलाकों में हिंसक प्रतिक्रिया देखने को मिली। कार्टेल के सदस्यों ने पुलिस और सेना पर हमले किए, वाहनों में आग लगाई और कई जगहों पर गोलीबारी की घटनाएँ हुईं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है और सुरक्षा बलों को उच्च सतर्कता पर रखा गया है।   विशेषज्ञों का कहना है कि एल मेन्चो की मौत से CJNG की शक्ति को बड़ा झटका लगेगा, लेकिन साथ ही यह संभावना भी है कि संगठन के भीतर सत्ता संघर्ष तेज हो जाएगा। इससे मेक्सिको में हिंसा और अस्थिरता और बढ़ सकती है।   अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि CJNG अमेरिका और यूरोप तक फैले मादक पदार्थों के नेटवर्क से जुड़ा ...

हमास में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी

  मध्य पूर्व में स्थित फ़िलिस्तीनी संगठन हमास अपने नए राजनीतिक प्रमुख के चयन की अंतिम चरण में पहुँच चुका है। संगठन के भीतर गहन विचार-विमर्श और परामर्श के बाद दो प्रमुख नाम सामने आए हैं—ख़ालिद मशाल और ख़लील अल-हय्या। दोनों ही नेता लंबे समय से हमास की राजनीति और रणनीति में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और अब संगठन के सर्वोच्च राजनीतिक पद के लिए प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।   ख़ालिद मशाल, जो पहले भी हमास के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख रह चुके हैं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठन का चेहरा रहे हैं। वहीं ख़लील अल-हय्या को संगठन के भीतर एक सशक्त और व्यावहारिक नेता के रूप में देखा जाता है, जिनकी पकड़ गाज़ा में मजबूत है। इस चुनाव को हमास के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है, क्योंकि संगठन वर्तमान में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय दबावों का सामना कर रहा है।   विशेषज्ञों का मानना है कि नए राजनीतिक प्रमुख का चयन हमास की रणनीति, इज़राइल के साथ संबंधों और मध्य पूर्व की शांति प्रक्रिया पर गहरा असर डालेगा। यदि नेतृत्व में बदलाव होता है, तो यह संगठन की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय स...

न्यूयॉर्क में बर्फ़ीला तूफ़ान: "स्टॉर्म ऑफ़ द डिकेड" की चेतावनी

  न्यूयॉर्क सिटी एक बार फिर भीषण बर्फ़ीले तूफ़ान की चपेट में आने वाली है। यह पिछले कुछ हफ्तों में दूसरा बड़ा ब्लिज़ार्ड होगा, जिसने शहरवासियों की चिंता और बढ़ा दी है। न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने चेतावनी दी है कि यह तूफ़ान "स्टॉर्म ऑफ़ द डिकेड" साबित हो सकता है।   मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि आने वाले दिनों में शहर में भारी बर्फबारी होगी, जिसके चलते यातायात व्यवस्था ठप पड़ सकती है। हवाई उड़ानों के रद्द होने, सड़क मार्गों के बंद होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों में सुरक्षित रहें और केवल अत्यावश्यक स्थिति में ही बाहर निकलें।   नगर निगम और आपातकालीन सेवाओं को उच्च सतर्कता पर रखा गया है। बर्फ हटाने वाली मशीनें और राहत दल पहले से ही तैनात कर दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं ताकि ठंड और दुर्घटनाओं से प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।   विशेषज्ञों का कहना है कि यह तूफ़ान न केवल न्यूयॉ...

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

  अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन ने इन टैरिफ को लागू करने के लिए जिस आपातकालीन शक्तियों का हवाला दिया था, वह कानूनी रूप से मान्य नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति को इस तरह के व्यापक आर्थिक निर्णय लेने का अधिकार नहीं है जब तक कि कांग्रेस से स्पष्ट अनुमति न हो।   यह फैसला अमेरिकी व्यापार नीति और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने इन टैरिफ को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर लागू किया था, जिसके तहत इस्पात, एल्युमिनियम और कई अन्य उत्पादों पर भारी शुल्क लगाया गया था। इससे न केवल चीन और यूरोप जैसे देशों के साथ व्यापारिक तनाव बढ़ा था, बल्कि अमेरिकी उद्योगों और उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ा था।   सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से अब अमेरिकी व्यापार नीति में बड़े बदलाव की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला राष्ट्रपति की शक्तियों पर संतुलन स्थाप...

ईरान में तनाव

ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। हाल ही में हुए प्रदर्शनों में अब तक लगभग 32,000 लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई है। यह आंकड़ा देश के भीतर गहराते असंतोष और सरकार के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे राजनीतिक स्वतंत्रता, आर्थिक सुधार और सामाजिक न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार इन आंदोलनों को कठोर दमन के जरिए दबाने की कोशिश कर रही है।   इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उसके पास परमाणु समझौते तक पहुँचने के लिए केवल 10 से 15 दिन का समय है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान इस अवधि में कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की ओर से कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।   क्षेत्रीय परिदृश्य भी तेजी से बदल रहा है। खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियाँ बढ़ गई हैं और कई देशों ने अपनी सेनाओं को उच्च सतर्कता पर रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ेगा और ऊर्जा आपूर्ति से लेकर वैश्विक अर्थव्यवस्था तक पर गं...

भारतीय किसान कांग्रेस हरियाणा के महासचिव रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेम डागर को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का नेशनल कोऑर्डिनेटर मनोनीत किया गया

भारतीय किसान कांग्रेस हरियाणा के महासचिव रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेम डागर को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का नेशनल कोऑर्डिनेटर मनोनीत किया गया है। इस अवसर पर ऑल इंडिया किसान कांग्रेस सोशल मीडिया के स्टेट जनरल सेक्रेटरी सूबे सिंह चौहान विशेष रूप से फरीदाबाद स्थित श्री हेम डागर के निवास स्थान पर पहुँचे। उन्होंने परंपरागत पगड़ी बांधकर उनका सम्मान किया और हरियाणा प्रदेश किसान कांग्रेस सोशल मीडिया की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।   इस नियुक्ति को किसान कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि हेम डागर लंबे समय से किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से संगठन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।   सूबे सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि हेम डागर की नियुक्ति से किसान कांग्रेस की आवाज और बुलंद होगी तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए संगठन और अधिक सशक्त रूप से कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डागर जी अपने अनुभव और समर्पण से संगठन को नई ऊँचाइयों ...

बेबी फ़ॉर्मूला रिकॉल: नेस्ले और डैनोन ने यूके में बैच वापस मंगाए, फ्रांस में दो मौतों की जाँच जारी

यूनाइटेड किंगडम में शिशुओं के लिए बेबी फ़ॉर्मूला बनाने वाली प्रमुख कंपनियाँ नेस्ले और डैनोन ने अपने कुछ बैच बाज़ार से वापस मंगाए हैं। यह कदम तब उठाया गया जब 36 शिशुओं में सेर्यूलाइड विषाक्तता (cereulide poisoning) के संदिग्ध मामले सामने आए। यह विषाणु बैक्टीरिया Bacillus cereus द्वारा उत्पन्न होता है और गंभीर खाद्य विषाक्तता का कारण बन सकता है।   फ्रांस में भी स्थिति चिंताजनक हो गई है, जहाँ दो शिशुओं की मौत की जाँच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन मौतों का संबंध दूषित बेबी फ़ॉर्मूला से हो सकता है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रभावित बैचों की पहचान कर उन्हें बाज़ार से हटाने का आदेश दिया है।   विशेषज्ञों का कहना है कि शिशुओं में यह विषाक्तता अत्यंत खतरनाक हो सकती है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर होती है। यूरोप के कई देशों में इस घटना ने माता-पिता और स्वास्थ्य सेवाओं को सतर्क कर दिया है।   नेस्ले और डैनोन दोनों ने बयान जारी कर कहा है कि वे उपभोक्ताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और जाँच पूरी होने तक प्रभावित बैचों को वापस ब...

नवलनी की मौत: यूरोपीय देशों ने रूस पर ज़हर देने का आरोप लगाया, म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में रक्षा सहयोग की माँग तेज़

रूस के विपक्षी नेता अलेक्सी नवलनी की मौत ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। यूरोपीय सरकारों ने आरोप लगाया है कि नवलनी को एक ऐसे विष से मारा गया, जो ज़हरीले पॉइज़न डार्ट फ्रॉग्स (Poison Dart Frogs) में पाया जाता है। यह दावा रूस के खिलाफ पहले से मौजूद संदेहों को और मज़बूत करता है।   नवलनी लंबे समय से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक रहे हैं और उनकी मौत को यूरोप में लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला माना जा रहा है। कई यूरोपीय नेताओं ने कहा है कि यह घटना केवल रूस के भीतर ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।   इस बीच, म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में यूरोपीय देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मज़बूत करने की माँग तेज़ हो गई है। नेताओं का कहना है कि रूस की आक्रामक नीतियों और विपक्षी आवाज़ों को दबाने की रणनीति का मुकाबला करने के लिए यूरोप को एकजुट होकर काम करना होगा।   विशेषज्ञों का मानना है कि नवलनी की मौत से रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव और बढ़ेगा। यह घटना न केवल मानवाधिकारों पर सवाल उठाती है, बल्कि यूरोप की सुरक्षा नीति को भी नए सिरे से ...

एप्सटीन फाइल्स: दस्तावेज़ों में एलन मस्क और मार्क जुकरबर्ग का नाम, 2015 की डिनर पार्टी में जेफ़्री एप्सटीन के साथ मौजूदगी का खुलासा

नए जारी किए गए एप्सटीन फाइल्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इन दस्तावेज़ों में यह खुलासा हुआ है कि एलन मस्क और मार्क जुकरबर्ग वर्ष 2015 में एक डिनर पार्टी में विवादित वित्तकार और अपराधी जेफ़्री एप्सटीन के साथ मौजूद थे। यह खुलासा उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब हाल ही में एलन मस्क ने ऐसे किसी कार्यक्रम में शामिल होने से साफ़ इनकार किया था।   जेफ़्री एप्सटीन, जो नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और मानव तस्करी के मामलों में दोषी ठहराया गया था, लंबे समय तक कई प्रभावशाली हस्तियों के साथ संबंधों को लेकर चर्चा में रहा। इन दस्तावेज़ों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों का एप्सटीन जैसे व्यक्ति से किस प्रकार का संबंध रहा।   विशेषज्ञों का कहना है कि इस खुलासे से न केवल मस्क और जुकरबर्ग की सार्वजनिक छवि पर असर पड़ सकता है, बल्कि यह टेक उद्योग की पारदर्शिता और नैतिकता पर भी गंभीर प्रश्न उठाता है। वहीं, यूरोप और अमेरिका में राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर बहस तेज़ हो गई है।   एलन मस्क ने पहले कहा था कि उ...

फ्लोरिडा सांसद ग्रेग स्ट्यूब ने पेश किया EXILE एक्ट, H-1B वीज़ा कार्यक्रम समाप्त करने का प्रस्ताव

  अमेरिका में इमिग्रेशन नीति को लेकर बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सांसद ग्रेग स्ट्यूब ने हाल ही में EXILE एक्ट नामक विधेयक पेश किया है, जिसके तहत लोकप्रिय H-1B वीज़ा कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करने की योजना है। यह वही वीज़ा है जिसके माध्यम से बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर अमेरिका में काम करते हैं।   विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव कानून का रूप लेता है तो इसका सबसे बड़ा असर भारतीय आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर के कर्मचारियों पर पड़ेगा। वर्तमान में हजारों भारतीय इंजीनियर, डॉक्टर, शोधकर्ता और अन्य पेशेवर H-1B वीज़ा के तहत अमेरिका में कार्यरत हैं।   ग्रेग स्ट्यूब का कहना है कि यह कदम अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और विदेशी श्रमिकों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि इससे अमेरिका की टेक कंपनियों को भारी नुकसान होगा क्योंकि वे लंबे समय से भारतीय और अन्य विदेशी प्रतिभाओं पर निर्भर रही हैं।   भारतीय समुदाय और उद्योग जगत में इस प्रस्ताव को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई ...

एआई चिप विवाद: एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने चीन को उन्नत एआई चिप्स बेचने का विरोध किया, एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग के प्रयासों के विपरीत

अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एआई रिसर्च कंपनी एंथ्रॉपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोडेई ने वॉशिंगटन से आग्रह किया है कि चीन को उन्नत एआई चिप्स की बिक्री पर रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि इन चिप्स का उपयोग चीन सैन्य और निगरानी उद्देश्यों के लिए कर सकता है, जिससे वैश्विक सुरक्षा को खतरा हो सकता है।   यह बयान सीधे तौर पर एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग के प्रयासों के विपरीत है। हुआंग लंबे समय से अमेरिकी सरकार पर दबाव डाल रहे हैं कि चीन को एआई चिप्स की बिक्री जारी रखी जाए, क्योंकि इससे अमेरिकी कंपनियों को अरबों डॉलर का व्यापारिक लाभ होता है।   विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी नेतृत्व का प्रश्न भी जुड़ा हुआ है। अमेरिका पहले ही चीन पर कई तकनीकी प्रतिबंध लगा चुका है, और अब एआई चिप्स को लेकर यह बहस और तीव्र हो गई है।   अमोडेई का तर्क है कि यदि चीन को अत्याधुनिक एआई चिप्स मिलते हैं तो वह इन्हें निगरानी तंत्र और सैन्य रणनीतियों में इस...

बठिंडा में किसानों पर पुलिस की कार्रवाई, विपक्ष ने की तीखी निंदा

बठिंडा, पंजाब – 6 फरवरी 2026   पंजाब के बठिंडा जिले में शुक्रवार को किसानों और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएँ सामने आईं। किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहन) के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, जिस दौरान पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर अचानक बल प्रयोग किया गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कई स्थानों पर धुआँ और अफरातफरी का दृश्य देखा गया।   विपक्ष का आरोप कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने इस घटना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने किसानों पर बर्बरता दिखाई है।   > “ऐसी बर्बरता तानाशाही शासित देशों जैसे चीन और रूस में देखने को मिलती है। पंजाब को एक #PoliceState में बदल दिया गया है,” खैहरा ने कहा।   कांग्रेस ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त की है।   किसानों की मांगें - न्...

किसानों की आजीविका और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर खतरा, सरकार संसद और जनता से समझौते का विवरण छिपा रही है” - कांग्रेस नेता भगवंत सिंह भंभा

 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व चेयरमैन भगवंत सिंह भंभा ने अमेरिका–भारत व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस समझौते का पूरा विवरण संसद और जनता से छिपाया जा रहा है, जबकि अमेरिकी प्रशासन और व्यापार प्रतिनिधि इसे सार्वजनिक रूप से साझा कर चुके हैं। भंभा ने आरोप लगाया कि यह समझौता भारत के किसानों, उद्योगों और ऊर्जा सुरक्षा के लिए घातक साबित होगा। उनके अनुसार अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शून्य टैरिफ लगाने से भारतीय किसानों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी और रूस से कच्चा तेल आयात रोकने का निर्णय भारत की ऊर्जा सुरक्षा को कमजोर करेगा, जिससे देश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को लाभ पहुँचाने वाले इस समझौते से भारत की संप्रभुता और संसद की गरिमा को ठेस पहुँची है। भंभा ने प्रधानमंत्री और वाणिज्य मंत्री से सवाल किया कि आखिर क्यों समझौते के बिंदु संसद और जनता के सामने नहीं रखे जा रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों, मजदूरों और आम जनता की आवाज उठाती रहेगी और सरकार को संसद में आकर यह बताना होगा कि किन शर्तों पर यह स...