मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसके चलते घरेलू महंगाई दर पिछले 10 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसी के साथ भारतीय रुपया भी लगातार दबाव में है और डॉलर के मुकाबले 93 रुपये के करीब पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल आयात पर बढ़ती लागत से न केवल ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी बल्कि परिवहन और खाद्य वस्तुओं पर भी महंगाई का बोझ बढ़ेगा। सरकार ने स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है, लेकिन आम जनता के लिए यह दौर आर्थिक चुनौतियों से भरा साबित हो रहा है।